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Showing posts from December, 2024

कश्यप समाज पर लाठीचार्ज: लोकतांत्रिक अधिकारों पर कुठाराघात

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  23 दिसंबर 2024 हाल ही में कश्यप समाज के लोगों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज की घटना ने समाज और प्रशासन के बीच गंभीर असंतोष को जन्म दिया है। यह घटना तब हुई जब महापंचायत के बाद समाज के लोग अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से कलक्ट्रेट में ज्ञापन देने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस ने बल प्रयोग किया। घटना का सार महापंचायत का आयोजन कश्यप एकता जाति उत्थान समिति के नेतृत्व में किया गया था। इस महापंचायत का उद्देश्य समाज के विकास और उनके अधिकारों से जुड़ी मांगों को प्रशासन के समक्ष रखना था। लेकिन ज्ञापन सौंपने के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें कई लोग घायल हो गए और दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया गया। मांगों का स्वरूप कश्यप समाज की मुख्य मांगें थीं: 1. न्याय और सुरक्षा: पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। 2. सामाजिक और आर्थिक उत्थान: सरकारी योजनाओं में कश्यप समाज के लिए आरक्...

सामाजिक न्याय क्रांति मोर्चा - देवेंद्र कश्यप जी

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  आज दिनांक को 24 दिसंबर को #मुजफ्फरनगर के नगरपलिका परिषद् टाउन हॉल मैदान में जिला अध्यक्ष सुधीर सैनी जी की अध्यक्षता में सामाजिक न्याय क्रांति मोर्चा के तत्वाधान में सामाजिक न्याय सम्मेलन एवं विशाल पैदल मार्च हुआ।  सम्मेलन मे आए मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान जी ने कहा कि धर्म के आधार पर संविधान में आरक्षण की व्यवस्था नहीं है लेकिन कांग्रेस एवं इंडी गठबंधन के सहयोगी दलों ने कुछ राज्यों में धर्म के आधार पर मुस्लिम समुदाय को आरक्षण दिया। जो असंवैधानिक है यह उनका असंवैधानिक आरक्षण खत्म होना चाहिए। और पिछड़े वर्ग के आरक्षण का लाभ पिछड़े वर्ग की कमजोर जातियो मिलना चाहिए।  कार्यक्रम आयोजक देवेंद्र कश्यप जी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सरकार से अपनी मांग रखते हुआ कहा की 1.कि देश के राज्यो मे मुस्लिमों को ओबीसी एससी एसटी के आरक्षण मैं से कटकर दिए गए आरक्षण को समाप्त किया जाए  2.अति पिछड़ा वर्ग की शिक्षा दलितों की शिक्षा की तरह फ्री की जाए।  3.मोदी जी द्वारा वर्ष 2017 में पिछले वर्ष के आरक्षण का वर्गीकरण करके कमजोर पिछड़े वर्ग की जातियों को लाभ दिल...

रायकवार समाज का युवक-युवती परिचय सम्मेलन 2 फरवरी 2025 दिन रविवार को - कश्यप समाज

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*रायकवार समाज सागर का युवक-युवती परिचय सम्मेलन 2 फरवरी को आयोजित किया जाएगा जिसके संबंध में आज रहली में बैठक आयोजित हुई बैठक की अध्यक्षता श्री गोपाल रैकवार ने की बैठक को संबोधित करते हुए उमाशंकर रैकवार जी ने सभी को सागर में आयोजित युवक-युवती परिचय सम्मेलन की जानकारी दी एवं कमलनारायण रैकवार जी ने सभी को युवक-युवती परिचय सम्मेलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की एवं सभी को सहयोग कर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की बैठक में सब सहमति से महासभा का रहली ब्लाक अध्यक्ष श्री महेन्द्र रैकवार जी को बनाया गया बैठक में प्रमुख रूप से सागर से राजू कंट्रोल भगवानदास नेता जंगबहादुर रैकवार धमेंद्र रैकवार नारायण प्रसाद केशव रैकवार एवं रहली से भरत रैकवार सुनील रैकवार नरेन्द्र रैकवार विरजू रैकवार नीरज रैकवार महेंद्र रैकवार जगदीश रैकवार राजकिशोर रैकवार प्रकाश रैकवार अनीकेत रैकवार गुड्डा रैकवार राजेश रैकवार प्रहलाद रैकवार पडलपुर नारायण प्रसाद रैकवार केशव रैकवार सहित समाज के लोग शामिल हुए आखिर में श्री कन्हैया रैकवार जी ने सभी का आभार व्यक्त किया उक्त जानकारी महासभा के मीडिया प्रभारी विनोद रायकवार सा...

जरा सोचिए हम किस दिशा में जा रहे है - कश्यप समाज

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  कश्यप समाज के लिए एक संदेश: एकता और नए भविष्य की ओर हमारे देश में आज ऐसी परिस्थितियाँ बन रही हैं जहाँ आम इंसान को चैन से जीने नहीं दिया जा रहा। हर रोज़ नए मुद्दे उठाए जाते हैं – कभी देश खतरे में बताया जाता है, कभी धर्म, कभी नौकरी, और कभी जाति। हमारे समाज को इन मुद्दों में उलझाकर, हमें हमारे असली लक्ष्यों से भटका दिया जाता है। जाति और धर्म के नाम पर लड़ाईयाँ कराई जाती हैं, और हमें यह सोचने पर मजबूर किया जाता है कि हमारे साथ अन्याय हुआ है। लेकिन हमें यह समझना होगा कि इन झगड़ों से हमें कुछ हासिल नहीं होगा। असली समाधान यह है कि हम एकजुट हों और अपने समाज के विकास के लिए काम करें। समाज को एकजुट करने की दिशा में प्रयास: 1. टीमवर्क: हर व्यक्ति को अपनी भूमिका समझनी होगी। हमें एक मजबूत टीम बनानी होगी, जिसमें हर सदस्य को एक खास ज़िम्मेदारी दी जाए। 2. युवाओं का सहयोग: हमारे समाज के कई युवा प्रतिभाशाली हैं, लेकिन आर्थिक मदद और संसाधनों की कमी के कारण वे पीछे रह जाते हैं। इन्हें आगे लाने के लिए हमें एक ठोस योजना बनानी होगी। 3. नेताओं पर निर्भरता खत्म करें: नेता सिर्फ आश्वासन देते हैं, लेकिन हम...

Nandini Kashyap India Under 19 team

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  जय महर्षि कश्यप जी कश्यप समाज मुजफ्फरनगर   देहरादून जिले के नेहरू कॉलोनी की निवासी नंदिनी कश्यप को भारतीय अंडर-19 टीम (Nandini Kashyap India Under 19 team) में चुना गया है। भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज खेलनी है। इसी के लिए टीम का सेलेक्शन हुआ है। 27 नवंबर से न्यूजीलैंड के खिलाफ इंडिया (Ind Vs NZ series Nandini Kashyap) को पांच टी20 मुकाबले खेलने हैं। जिसमें अब आपको उत्तराखंड की बेटी नंदिनी भी खेलती हुई दिखेगी। All India Kashyap Sanghtan की ओर से हार्दिक शुभकामनाऐं

पंडित करुपापन कश्यप जी - Leader of Renaissance in Kerala

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  कश्यप समाज की धींवर जाति से संबंध रखने वाले केरल के लिंकन, प्रथम मानव अधिकार कार्यकर्ता पंडित करुप्पन मास्टर की जयंती पर सादर नमन ।  केरल में पंडित करुप्पन के नाम पर कई स्कूल, यूनिवर्सिटी व स्थल निर्मित है। शिक्षा के क्षेत्र में उनका विशेष योगदान रहा है जिस कारण आज केरल राज्य में शिक्षा का स्तर देशभर में बहुत ज्यादा है।  केरल में धींवर जाति से सम्बन्ध रखने वाले श्री कंडथिपराम्बिल पपु करुप्पन को पंडित करुप्पन मास्टर के नाम से बिख्यात समाजसुधारक थे जिन्हीने अपने समय में छुआछुत और अन्य सामाजिक कुरूतियों के खिलाफ संघर्ष किया था। वो तत्कालीन कोचीन राज्य के प्रथम मानव अधिकार कार्यकर्ता थे और उनके सामाजिक सुधार के कार्यो के कारण उन्हें "केरल का लिंकन" भी कहा जाता था ।  पंडित करुप्पन मास्टर के पिता का नाम पाप्पु और माता का नाम कोचुपेन्नि था और उनका जन्म केरल के एर्नाकलुम ज़िले के चेरनेल्लूर गाँव में 24 मई 1885 को हुआ था और वो हिन्दू समाज की धींवर जाति से सम्बन्ध रखते थे। पंडित कररुप्पन मास्टर संस्कृत के विद्वान, प्रसिद्ध कवि और नाटककार भी थे । उन्होंने संगठन बना अशिक्षा, ज...

"धीवर समाज में गौरवशाली क्षण: पिता बने हाईकोर्ट रजिस्ट्रार, पुत्री बनी सिविल जज"

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कश्यप एकता क्रांति मिशन संगठन के सम्मान समारोह

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  जनपद मुजफ्फरनगर गांव बरवाला में कश्यप एकता क्रांति मिशन संगठन के सम्मान समारोह किया गया जनपद मुजफ्फरनगर के गांव बरवाला में कश्यप एकता क्रांति मिशन संगठन के द्वारा एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया जिसमें ग्राम बरवाला में प्रदेश अध्यक्ष अंकित कश्यप का प्रथम आगमन पर धूमधाम से फूलमाला पहनकर हार्दिक स्वागत किया गया वही कश्यप समाज के युवा बुजुर्ग आदि लोगों उपस्थित रहे वही मंचासीन अधिकारियों के द्वारा समाज पर हो रहे अत्याचारों को लेकर विचार विमर्श किया गया तो वहीं शिक्षा के प्रति युवाओं को किया गया जागरूक प्रदेश अध्यक्ष अंकित कश्यप के द्वारा आज जनपद मुजफ्फरनगर के ग्राम बरवाला के निवासी सोनू कश्यप को कश्यप एकता क्रांति मिशन संगठन जिला मुजफ्फरनगर का जिला अध्यक्ष भी घोषित किया इस मौके पर संगठन के उपस्थित प्रदेश अध्यक्ष अंकित कश्यप एडवोकेट रामधन कश्यप जिला अध्यक्ष सोनू कश्यप नगर अध्यक्ष संजीव कश्यप ग्राम अध्यक्ष विश्वास कश्यप मास्टर सुशील कश्यप मास्टर संदीप कश्यप पिछड़ा मोर्चे प्रदेश सचिव प्रजापति ऋषिपाल कश्यप अमित हनी रजत सचिन सोनू मोहित गौरव नीरज अरविंद अजय बॉबी अनिल सौरभ अरुण अंकुर विजय ...

जिला पानीपत कार्यकारिणी का गठन कश्यप समाज

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  आज दिनांक 15 मई 2024 हरियाणा कश्यप राजपूत सभा 184/2345 की मीटिंग कश्यप राजपूत धर्मशाला धारीवाल चौक पानीपत में सम्पन्न हूई । मिटिंग कि अध्यक्षता प्रदेशाध्यक्ष श्री समे सिंह कश्यप ने कई इस मिटिंग में जिला पानीपत कार्यकारिणी का गठन सर्वसम्मति से हुआ जिला अध्यक्ष ऐडवोकेट राजपाल कश्यप व महिला विंग कि अध्यक्षा ऐडवोकेट सुनीता कश्यप चूना गया । एवं प्रदेशस्तर पर महिलाविंग कि वरिष्ठ उप प्रधान कि जिम्मेदारी प्रेमवती कश्यप को दिई गई । ओर रघुनाथ तंवर पूर्व चेयरमैन हरियाणा सरकार को सभा का संरक्षक बनाया गया । जिला कार्यसमिति इस प्रकार है उप प्रधान महाबिर फौजी ,नरेश कश्यप राजबीर कश्यप जौरासि, वजीर शास्त्री ,तेजपाल कश्यप व महासचिव विक्की कश्यप, सोनू कश्यप ,चन्द्रपाल प्रचार सचिव प्रदीप कश्यप मिडिया प्रभारी सुभाष कश्यप कोषाध्यक्ष संदीप कश्यप सह कोषाध्यक्ष शेरा कश्यप प्रचार सचिव मोहित कश्यप प्रचार सह सचिव इस अवसर पर श्री रामकुमार ऐडवोकेट चेयरमैन वरिष्ठ उप प्रधान दरियाओ सिंह BDPO वरिष्ठ उप प्रधान ऐडवोकेट कृष्ण लाल रामदिया कश्यप जिला प्रधान करनाल महासचिव ऐडवोकेट राजबीर कश्यप पानीपत संजय कश्यप प्...

पहले खुद को खड़ा करें, फिर दुनिया को बदलने की सोचें।"

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  प्रिय युवा साथियों, आज के दौर में विचारधाराओं और विचारों की दुनिया में खो जाना बहुत आसान है। हर तरफ अलग-अलग विचारधाराएँ, आदर्श और प्रेरणाएँ आपको अपनी ओर खींचने की कोशिश करेंगी। लेकिन यह ज़रूरी है कि हम पहले अपनी प्राथमिकताओं को समझें और अपने जीवन की नींव को मज़बूत करें। सबसे पहले, अपने माता-पिता और परिवार की उम्मीदों को ध्यान में रखते हुए अपने जीवन को स्थिर बनाने का प्रयास करें। आपका पहला लक्ष्य होना चाहिए आर्थिक रूप से स्वतंत्र (financially independent) बनना। एक अच्छी नौकरी या स्थिर व्यवसाय आपको न केवल आत्मनिर्भर बनाएगा बल्कि आपको अपने परिवार का सहारा बनने का मौका भी देगा। जब आप आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो जाएँ, तब आप अपनी रुचियों और विचारों का अनुसरण कर सकते हैं। चाहे वह गांधीजी के आदर्श हों, मायावती जी के विचार हों, या किसी अन्य राजनीतिक, सामाजिक या व्यक्तिगत विचारधारा की ओर झुकाव—यह निर्णय आपको अपनी समझ, अनुभव और परिपक्वता के आधार पर लेना चाहिए। याद रखें, विचारधारा से प्रभावित होना तभी सही है जब आप स्थिरता और स्वतंत्रता के स्तर पर पहुँच चुके हों। इससे पहले यदि आप इन बातों में...

"कश्यप समाज के विकास की राह: शिक्षा, एकता और सशक्तिकरण की ओर"

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  कश्यप समाज को सशक्त, संगठित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें समग्र विकास की दिशा में काम करना होगा। इसके लिए निम्नलिखित नीतियां अपनाई जा सकती हैं: 1. शिक्षा और कौशल विकास गुणवत्तापूर्ण शिक्षा: बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने पर ध्यान दें। स्थानीय स्तर पर कोचिंग संस्थानों और शिक्षा सहायता केंद्रों की स्थापना करें। पेशेवर कौशल: युवाओं के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रम संचालित करें ताकि वे विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार प्राप्त कर सकें। छात्रवृत्ति योजनाएं: आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजनाएं शुरू करें। 2. आर्थिक सशक्तिकरण स्वरोजगार और उद्यमिता: छोटे और मध्यम व्यवसायों को प्रोत्साहित करने के लिए सहकारी संस्थानों और समूहों का निर्माण करें। महिला सशक्तिकरण: महिलाओं को स्वरोजगार योजनाओं, जैसे सिलाई, बुनाई, हस्तशिल्प आदि में प्रशिक्षित करें। सहकारी बैंक: कश्यप समाज के लिए छोटे ऋण और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए सहकारी बैंकों की स्थापना करें। 3. सामाजिक संगठन और एकजुटता सामूहिक संगठन: समाज के भीतर एकता को बढ़ावा देने के लिए सामाजिक और सांस्कृतिक का...

आभार रैली - विधायक राम कुमार कश्यप जी 23दिसंबर 2024

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  दिनांक: 23 दिसंबर 2024 समय: प्रातः 10:30 बजे स्थान: नई अनाज मंडी, इंद्रि मुख्य अतिथि: माननीय श्री नायब सिंह सैनी जी (मुख्यमंत्री, हरियाणा सरकार) विशेष आमंत्रणकर्ता: राम कुमार कश्यप (विधायक हल्का इंद्रि एवं गवर्नमेंट चीफ व्हिप, हरियाणा) इस रैली में क्षेत्र के विकास, कल्याणकारी योजनाओं, और सरकार की उपलब्धियों पर चर्चा की जाएगी। आप सभी सादर आमंत्रित हैं। यह रैली केवल एक सभा नहीं, बल्कि जनता के साथ संवाद और उनके समर्थन के प्रति आभार प्रकट करने का एक सुनहरा अवसर है। पोस्टर पर भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं की तस्वीरें, आयोजन के प्रति लोगों के भरोसे और राजनीतिक मजबूती को दर्शाती हैं। यह रैली क्षेत्र के विकास, कल्याणकारी योजनाओं, और जनता के लिए सरकार की उपलब्धियों को उजागर करने का मंच बनेगी। इस ऐतिहासिक आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है। "आप सभी सादर आमंत्रित हैं", जो यह बताता है कि यह कार्यक्रम सभी वर्गों और समुदायों को जोड़ने का प्रयास है। इससे स्पष्ट है कि यह रैली राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से एक ऐतिहासिक अवसर बनने ...

हिंदू धर्म में क्या करना चाहिए क्या नहीं करना??

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 हिंदू धर्म में यह स्पष्ट रूप से निर्धारित नहीं है कि क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह धर्म अधिकतर व्यक्तिगत आत्म-अनुशासन, नैतिकता, और सांस्कृतिक परंपराओं पर आधारित है। फिर भी, धर्मग्रंथों, परंपराओं और समाज में प्रचलित मान्यताओं के आधार पर कुछ सामान्य दिशा-निर्देश हैं: क्या कर सकते हैं (सकारात्मक कार्य): 1. धर्म का पालन: सत्य, अहिंसा, प्रेम, करुणा, और परोपकार के सिद्धांतों का पालन करना। 2. ईश्वर की पूजा: नियमित पूजा, ध्यान, और आराधना करना। किसी भी देवी-देवता की भक्ति कर सकते हैं। 3. ध्यान और योग: शारीरिक और मानसिक शुद्धता के लिए ध्यान और योग का अभ्यास करना। 4. दान और सेवा: जरूरतमंदों की सहायता करना, भूखे को भोजन कराना और धर्मार्थ कार्य करना। 5. वेदों और शास्त्रों का अध्ययन: वेद, उपनिषद, भगवद गीता, रामायण और महाभारत जैसे धर्मग्रंथों का अध्ययन करना। 6. प्रकृति का आदर: पर्यावरण की रक्षा करना, पेड़ लगाना और सभी जीवों के प्रति दयालु रहना। 7. पवित्रता बनाए रखना: व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में शुद्धता और मर्यादा का पालन करना। 8. पितरों का सम्मान: अपने पूर्वजों और माता-पि...

68वीं नेशनल फुटबॉल चैंपियनशिप में उपविजेता बनी टीम की सदस्य संगीता कश्यप का हुआ स्वागत

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फुटबॉल में सिल्वर जीतकर लौटी संगीता का स्वागत बेटी संगीता कश्यप का शानदार स्वागत किया गया, जिन्होंने 68वीं नेशनल फुटबॉल चैंपियनशिप में उपविजेता बनी टीम की सदस्य के रूप में अपनी अहम भूमिका निभाई। उनकी इस अद्भुत उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे कश्यप समाज को गौरवान्वित किया है।  समालखा - जम्मू में 4 से 10 दिसंबर तक हुई 68वीं नेशनल फुटबॉल चैंपियनशिप में उपविजेता बनी टीम की सदस्य संगीता का गुरुवार को गांव दिवाना में पहुंचने पर स्वागत हुआ। सरकारी स्कूल में 10वीं की छात्रा संगीता को ग्रामीण जीटी रोड से खुली कार में बैठाकर डीजे बजाते हुए गांव तक लाए। पिता यशपाल कश्यप  ने बताया कि गांव में फुटबॉल नर्सरी चलाने वाले कोच अविनाश ने उनकी बेटी की तैयारी कराई। जिससे उसका चयन अंडर-17 वर्ग में हरियाणा की टीम में हुआ। वह बतौर डिफेंडर खेलती है। हरियाणा की टीम ने एनवीएस उत्तराखंड को 15-0 से पराजित किया। मणिपुर, पंजाब, राजस्थान और दादर एवं नगर हवेली टीमों को हराकर फाइनल में जगह बनाई। फाइनल में झारखंड की टीम से एक गोल से हार गईं। स्वागत करने वालों में सरपंच सुरेंद्र, प्रदीप कश्यप, मंजीत, रा...

ऑल इंडिया कश्यप संगठन - AIKS : कश्मीर से कन्याकुमारी तक कश्यप समाज की आवाज

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  ऑल इंडिया कश्यप संगठन भारत का एकमात्र ऐसा समूह है, जो देश के हर कोने से कश्यप समाज के लोगों को जोड़ने का प्रयास कर रहा है। यह संगठन न केवल समाज के मुद्दों को उठाने का माध्यम बनेगा, बल्कि हर सदस्य के जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा उद्देश्य कश्यप समाज को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। राजनीतिक सशक्तिकरण: समाज की आवाज को उचित मंच तक पहुंचाना। सामाजिक जागरूकता: हर वर्ग के व्यक्ति को समान अधिकार और सम्मान दिलाना। आर्थिक मजबूती: रोजगार, व्यापार और शिक्षा के माध्यम से समाज के लोगों को आत्मनिर्भर बनाना। हमारे साथ क्यों जुड़ें? 1. मजबूत संगठन: पूरे देश में एकता और भाईचारे का प्रतीक। 2. सही दिशा: कश्यप समाज के हर मुद्दे को हल करने के लिए प्रभावी कदम। 3. आपकी भागीदारी से बदलाव: जब आप जुड़ेंगे, तो समाज की आवाज और भी मजबूत होगी। जुड़ने के लिए निम्नलिखित लिंक पर क्लिक करें: फेसबुक ग्रुप:   https://www.facebook.com/share/g/15naToNxXu/ व्हाट्सएप ग्रुप:   https://chat.whatsapp.com/B4rFX3Uh7r4I2uF1IozFw2 वेबसाइट:   https://thekashya...

36 बिरादरी हरियाणा

 36 बिरादरी हरियाणा में एक सामाजिक अवधारणा है जो विभिन्न जातियों और समुदायों को दर्शाती है। यह शब्द विशेष रूप से हरियाणा और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में प्रचलित है, जहां अलग-अलग जातियाँ और समुदाय आपस में मिलकर रहते हैं। हरियाणा की समाजिक संरचना में 36 बिरादरी का महत्वपूर्ण स्थान है, और इसे एक सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से देखा जाता है। 36 बिरादरी का मतलब: हरियाणा में "36 बिरादरी" का अर्थ है 36 प्रमुख जातियाँ और समुदाय जो सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से एक दूसरे से अलग हैं, लेकिन आपस में भाईचारे और सहयोग की भावना रखते हैं। इस अवधारणा में इन बिरादरियों की विविधता और उनके योगदान को समझने की कोशिश की जाती है। हरियाणा की प्रमुख बिरादरियाँ: 1. जाट 2. ब्राह्मण 3. पठान 4. राजपूत 5. कश्यप 6. यादव (अहीर) 7. कुम्हार 8. धोबी 9. माली 10. नाई 11. बलाई 12. सिढ़ी 13. मेहतर 14. चमार 15. बंशी 16. सोनार 17. बनिया 18. गोरखपुर 19. बैरागी 20. गोहिल 21. तुरी 22. राठी 23. साहू 24. कुर्मी 25. लोधी 26. सिंह 27. धैर्य 28. ग्वाला 29. कुमावत 30. तिलवाड़ी 31. आदिवासी 32. चुहान 33. बाथम ...

शंकराचार्य (Adi Shankaracharya) हिन्दू धर्म

 शंकराचार्य (Adi Shankaracharya) हिन्दू धर्म के महान तात्त्विक गुरु और अद्वैत वेदांत के प्रमुख प्रवर्तक थे। उनका जन्म लगभग 788 ईस्वी में केरल राज्य के कालदी (अब अलुवा) नामक स्थान पर हुआ था। शंकराचार्य ने भारतीय दर्शन को एक नई दिशा दी और अद्वैत वेदांत का प्रचार किया, जो यह मानता है कि ब्रह्म (ईश्वर) और आत्मा (जीव) एक ही हैं, और वास्तविकता में कोई भेद नहीं है। शंकराचार्य का जीवन परिचय: शंकराचार्य का जन्म ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम शिवगुरु और माता का नाम आर्यवती था। शंकराचार्य ने मात्र 8 वर्ष की आयु में वेदों और शास्त्रों का अध्ययन शुरू किया था। बहुत ही कम समय में उन्होंने वेद, उपनिषद, भगवद गीता और अन्य शास्त्रों का गहरा अध्ययन किया। वह बहुत ही कुशल तात्त्विक प्रवचनकर्ता थे और उन्होंने अद्वैत वेदांत के सिद्धांत को जन-जन तक पहुँचाया। अद्वैत वेदांत का सिद्धांत: शंकराचार्य का अद्वैत वेदांत दर्शन यह सिखाता है कि: 1. ब्रह्म ही सत्य है, और संसार केवल माया है। ब्रह्म के अलावा कुछ भी वास्तविक नहीं है। 2. आत्मा और ब्रह्म एक ही हैं, और आत्मा का अनुभव प्राप्त करना ही जीवन का सर...

वेद हिंदू धर्म ???

 वेद हिंदू धर्म के सबसे प्राचीन और महत्वपूर्ण ग्रंथ हैं, जिन्हें संसार के सबसे प्राचीन धार्मिक ग्रंथों में से एक माना जाता है। वेदों का शब्दिक अर्थ है "ज्ञान" या "विज्ञान"। ये ग्रंथ भारतीय संस्कृति और धर्म की नींव हैं और इन्हें अत्यधिक पवित्र माना जाता है। वेदों में संसार, ब्रह्मा, जीवन, मृत्यु, धर्म, सत्य, और भगवान के बारे में गहन दर्शन और ज्ञान का संकलन किया गया है। वेदों की प्रमुख श्रेणियाँ: वेदों को चार प्रमुख श्रेणियों में बाँटा गया है: 1. ऋग्वेद (Rigveda) यह वेदों का सबसे पुराना और महत्वपूर्ण वेद है। इसमें देवताओं की स्तुतियाँ, उनके गुण, और आहुति देने के मंत्र होते हैं। इसमें लगभग 1028 सूक्त (गीत) होते हैं, जो मुख्य रूप से देवताओं की पूजा और आशीर्वाद के लिए होते हैं। 2. यजुर्वेद (Yajurveda) यजुर्वेद में यज्ञों और धार्मिक क्रियाओं से संबंधित मंत्रों का संकलन किया गया है। यह वेद मुख्य रूप से यज्ञों के अनुष्ठान, पूजा विधियों, और तंत्रों से जुड़ा हुआ है। इसमें यज्ञ के अनुष्ठान करने के लिए आवश्यक मंत्रों और प्रार्थनाओं का विवरण मिलता है। 3. सामवेद (Samaveda) सामवेद...

पुराण क्या है???

 पुराण हिन्दू धर्म के महत्वपूर्ण ग्रंथों में से एक हैं, जो धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक तथ्यों को संकलित करते हैं। इन ग्रंथों में भगवान के विविध रूपों की कथाएं, ब्रह्मांड की उत्पत्ति, देवताओं और राक्षसों के संघर्ष, धार्मिक अनुष्ठान और संस्कार, और जीवन के सिद्धांतों पर चर्चा की जाती है। पुराणों में मुख्य रूप से धर्म, समाज और जीवन के विभिन्न पहलुओं का विस्तृत वर्णन किया गया है। पुराणों की प्रमुख श्रेणियाँ: पुराणों को आमतौर पर 18 मुख्य पुराणों में बाँटा जाता है, जिन्हें महापुराण और उपपुराण में विभाजित किया गया है। 1. महापुराण (18 प्रमुख पुराण): 1. विष्णुपुराण 2. शिवपुराण 3. भागवतपुराण 4. वायुपुराण 5. लिंगपुराण 6. स्कंदपुराण 7. मार्कण्डेयपुराण 8. रामायण पुराण 9. महाभारत पुराण 10. पद्मपुराण 11. उत्तरणपुराण 12. गणेशपुराण 13. नारदीयपुराण 14. आदि पुराण 15. कुमारसंभव पुराण 16. द्वापरयुग पुराण 17. शक्तिपुराण 18. आश्वमेधपुराण 2. उपपुराण (कम महत्वपूर्ण पुराण): यह पुराण महापुराणों की तुलना में कम महत्वपूर्ण माने जाते हैं, लेकिन इनमें भी बहुत सारे धार्मिक और सांस्कृतिक निर्देश होते हैं। पुराण...

कश्यप समाज की रागनी (तर्ज: हरियाणवी रागनी शैली)

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  (छंद 1) सुन ले भाई, कहूं इतिहास, कश्यप समाज का बड़ा है विकास। ऋषि कश्यप की सन्तान हम, धरती पे जिनसे बना विश्वास। धरती से आकाश तलक, हमने ही रच दी नई प्यास। (कोरस) कश्यप समाज की शान निराली, ज्ञान में गहरा, कर्मों में सवाली। सच्चाई का ये दीप जलाए, हर दिल में जोश और प्रेम बढ़ाए। (छंद 2) नदियों की धार से रिश्ता गहरा, कश्यप ने ज्ञान से खोला सवेरा। वेद पुराण की गूंज हमारी, संस्कृति की रचना की ये धारा। सदियों से हमने जो नाम कमाया, धरती पे धर्म का परचम फहराया। (कोरस) कश्यप समाज की शान निराली, ज्ञान में गहरा, कर्मों में सवाली। सच्चाई का ये दीप जलाए, हर दिल में जोश और प्रेम बढ़ाए। (छंद 3) श्रम हमारा, पूजा है जिसकी, कर्म ही पूजा, यही शक्ति जिसकी। हमसे चले ये खेत और खलिहान, मिट्टी की खुशबू, हमसे पहचान। कश्यप के वंशज, गर्व से कहें, हर एक दिल में सच्चाई बहें। (कोरस) कश्यप समाज की शान निराली, ज्ञान में गहरा, कर्मों में सवाली। सच्चाई का ये दीप जलाए, हर दिल में जोश और प्रेम बढ़ाए। (छंद 4) हर पीढ़ी ने इतिहास रचाया, दुनिया को सच्चाई का पाठ पढ़ाया। आगे भी रखेंगे ये परचम बुलंद, कश्यप समाज का हर दिल हो...

कश्यप समाज के गौरव का वर्णन करते हुए संस्कृत में एक कविता

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  कश्यपकुलस्य महिमा कश्यपकुलस्य महिमा महती, प्राचीनकाले प्रशस्तगति। सृष्टेः आधारः महान् पिता, वेदविद्यायाः पूज्यः ऋषिः सदा॥ नदीनदीनाम् स्रोतः प्रवाहः, प्रकृतिज्ञानस्य स्थापनाय। जनानां धर्मे प्रतिष्ठाय, कश्यपमुनिः अमरः जनस्य॥ कर्मयोगः श्रमेण सिद्धः, सौहार्दं च सदा निभृतम्। कश्यपकुलस्य गुणान्विताः, विश्वं तर्पयन्ति निर्मलाः॥ आदर्शं धर्मे सत्पथं, कश्यपवंशः प्रदर्शयेत्। समता शान्तिः शुभं सुखं, कश्यपकुलस्य शुभं वचः॥

कश्यप समाज की दुर्दशा- हम क्या थे और क्या हो गए !

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  कश्यप वंश की गौरव गाथा, जो कभी जग में गूँजती थी। सत्य, धर्म, और तप की गाथा, जो हर हृदय में पूजती थी। कहाँ खो गए वे स्वाभिमान, वो स्वर्णिम युग, वो पहचान? आज क्यों है सब मौन खड़े, अपनों में ही क्यों बंटते पड़े? शिक्षा से विमुख, संकल्प विहीन, अज्ञान के अंधकार में लीन। जो कभी थे जग के रक्षक, आज क्यों बन गए निरीक्षक? एकता का दीप जलाना होगा, साहस का बिगुल बजाना होगा। गौरवशाली इतिहास को दोहराओ, अपना खोया सम्मान फिर पाओ। जागो कश्यप, समय है आया, नवयुग का संदेश सुनाया। अपने हृदय में जोश भरो, संघर्ष से अब स्वर्ण रचो। कश्यप समाज के दीप जलेंगे, आसमान तक उजाले फैलेंगे। तब गर्व से कहेगा संसार, यह है कश्यप का संस्कार।

कश्यप् समुदाय के सर्वमान्य : बाबा कालू या भगवान कालः

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  कश्यप् समुदाय के सर्वमान्य : बाबा कालू - धर्म की पत्नी वासु से से आठ वसुयो को जन्म दिया जोकि सब दिशाओं में व्याप्त और प्रसिद्ध है। आप, ध्रुव, सोम धर, अनिल, अनल, प्रत्युष, प्रभाष ये आठ वसु कहे गए हैं धूव का पुत्र काल हुआ और प्रभाश का पुत्र विश्वकर्मा हुआ ये दोनों मुख्यता ज्ञान व शिल्प कला में निपुण थे। लोगों को अपना ग्रास बनाने वाले भगवान काल धूव के पुत्र है। ध्रुव पुत्र काल आगे जाकर बाबा काल के नाम से प्रसिद्ध हुए। जिसको कश्यप की संतानों ने अपना कुल गुरू माना।' दक्ष के पान्च्जनी के योग से एक हज़ार पुत्र वर्यश्व की नाम से विख्यात हुए नारद ने उनको कहा की आप पता लगाये की धरती की सीमा कहां तक है ये उनकी आज्ञा से चले गए लेकिन वापिस नहीं आये तब प्रजापति दक्ष ने वारिणी के योग से एक हज़ार पुत्रों को जन्म दिया जोकि शबल के नाम से प्रसिद्ध हुए उनको भी नारद ने धरती की सीमा का पता लगाने के लिए भेजा लेकिन वे भी वापिस नहीं आये ये अनिष्ट होता देखकर प्रजापति दक्ष ने नारद को गुरू हीन और ज्ञान हीन होने का श्राप दिया। कहते है गुरू बिना गति नहीं होती और गुरू ही मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करता है देवर्षि...

घिमिरे कश्यप ऋषि की संतान हैं

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  यह प्राचीन संस्कृत कृति घिमिरे के राजा पृथ्वी नारायण शाह को लिखी गई थी। इसकी उत्पत्ति 1700 ई. में हुई थी। घिमिरे ( नेपाली : घिमिरे ) हिंदू वर्ण व्यवस्था में कश्यप गोत्र से संबंधित ब्राह्मण (उपाध्याय बहून) वर्ण के उपनामों में से एक है । सबसे पहले ज्ञात पूर्वज, शाही पुजारी गुडपाल व्यास (जिन्हें गुडपाल बायस के नाम से भी जाना जाता है), घिमिरे, धुरकोट (जिसे अब घिमिरे , गुल्मी , नेपाल कहा जाता है) में रहते थे, जो मध्य भारत के मालवा क्षेत्र में क्षिप्रा नदी के पूर्वी तट पर स्थित प्राचीन शहर उज्जैन से आए थे , जिस पर राजा विक्रमादित्य का शासन था, जो आज मध्य प्रदेश राज्य का हिस्सा है, और यह उज्जैन जिले और उज्जैन संभाग का प्रशासनिक केंद्र है । रिसर्च स्कॉलर परशु राम घिमिरे का तर्क है कि घिमिरे से मूसिकोट में प्रवास करने वाले ब्राह्मणों को घिमिरे/घिमिरे कहा जाता था घिमिरे नेपालियों का उपनाम है जो घमीर में रहते थे, यह नाम गुडपाल बियास के बेटों से शुरू हुआ। उनके उपनाम उनके रहने के स्थान के अनुसार बदलते रहे। कश्यप ऋषि उनके सबसे पुराने पूर्वज हैं और उनके बेटों को कश्यपई कहा जाता है जो कास्कीकोट ...

23 दिसंबर 2024 को होगी कश्यप समाज की ऐतिहासिक रैली

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जय महर्षि कश्यप जी  आप सभी को भली-भांति मालूम है आने वाली 23 दिसंबर को जनपद सहारनपुर के महाराज सिंह कॉलेज ग्राउंड महीपुरा तिराहे पर सामाजिक संगठन कश्यप एकता क्रांति मिशन कश्यप समाज के हक अधिकार मान सम्मान को लेकर एक बहुत बड़ी रैली कर रहा है जिसमें आप सभी लोगों का पहुंचना अनिवार्य है। जनपद सहारनपुर में ऐतिहासिक रैली होने जा रही है जिसको लेकर महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष बहन रीना कश्यप ने देवबंद विधानसभा ग्राम चीराऊ, मैं बैठक संपन्न हुई  मौजूद रहे संस्थापक अजय कश्यप।  महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष रीना कश्यप, जिला उपाध्यक्ष रितिक कश्यप।  

युवा शक्ति का आवाहन / कश्यप समाज

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  जागो कश्यप के वीर जवान, तुम हो समाज का अभिमान। शौर्य, पराक्रम, तप की धारा, तुम्हीं हो भविष्य का सहारा। तुम्हारी बाहों में बल है भारी, मन में साहस, आंखों में चिंगारी। सपनों को अब सच कर दिखाओ, सोई हुई चेतना को जगाओ। ज्ञान की मशाल को थामो, अंधकार का अंत तुम जानो। शिक्षा और कर्म का साथ निभाओ, हर बाधा को राह से हटाओ। एकता की मूरत बन जाओ, भेदभाव सब पीछे छोड़ आओ। हाथ से हाथ मिलाकर चलो, हर दिल में नया विश्वास भरो। समाज की डोर तुम्हारे हाथ, मत भूलो अपनी जात और नाथ। इतिहास ने जो दिया सिखाया, उसको फिर से जीवंत बनाना। युवा शक्ति, तुम्हीं हो उजाला, तुमसे ही होगा सबकुछ निराला। आओ कश्यप का नाम रोशन करो, धरती से अम्बर तक जयघोष करो।

"होली पुराण के लेखक B.D निषाद: जानें उनके अनमोल विचार"

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  होली पुराण: भारतीय संस्कृति का अनुपम ग्रंथ लेखक: बी.डी. निषाद बी.डी. निषाद द्वारा रचित 'होली पुराण' एक अद्भुत और शोधपूर्ण ग्रंथ है, जो भारतीय परंपराओं, पौराणिक गाथाओं और सांस्कृतिक धरोहरों को एक नई दृष्टि से प्रस्तुत करता है। इस ग्रंथ में होली के पौराणिक, सामाजिक और ऐतिहासिक पहलुओं को बड़े ही रोचक और सारगर्भित ढंग से वर्णित किया गया है। पुस्तक की विषय-वस्तु 'होली पुराण' न केवल होली के त्योहार की ऐतिहासिकता और पौराणिकता पर प्रकाश डालता है, बल्कि यह भारतीय समाज में इसके महत्व और प्रभाव को भी गहराई से समझाता है। पुस्तक में होली के विभिन्न रूपों, जैसे- ब्रज की लट्ठमार होली, शांति और सामंजस्य का प्रतीक फूलों की होली, और प्राचीन समय से जुड़ी कथाओं, जैसे- प्रह्लाद और होलिका की गाथा, को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है। इस ग्रंथ में यह बताया गया है कि कैसे होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि मानवता के बीच प्रेम, एकता और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक है। लेखक का परिचय बी.डी. निषाद एक प्रसिद्ध लेखक और सांस्कृतिक शोधकर्ता हैं, जिन्होंने भारतीय संस्कृति और परंपराओं पर कई प्रेरणादायक...