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Showing posts from January, 2026

आदिवासी : गिरिजन से भारतीय संस्कृति तक

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 आदिवासी : गिरिजन से भारतीय संस्कृति तक काफी समय पहले आदिवासियों को लेकर विवाद हुआ कि इन्हें किस नाम से पुकारा जाए – आदिवासी, वनवासी, गिरिजन, भूमिजन, अरण्यवासी या आदिम जाति। इस पर अलग-अलग मत थे। राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने इन्हें गिरिजन कहने की सलाह दी। उनका विचार था कि हरिजन और गिरिजन मिलकर ही भारत का बहुजन (बहुसंख्यक समाज) बनते हैं। संविधान में हालांकि इनके लिए आदिम जाति शब्द का प्रयोग किया गया और वही मान्य हो गया। आदिवासियों की उत्पत्ति के बारे में पुराणों और संस्कृत ग्रंथों में उल्लेख मिलता है। भागवत के अनुसार, ध्रुव की सातवीं पीढ़ी में राजा निषाद हुए, जिनकी संतानें जंगलों में बस गईं और उन्हें आदिवासी कहा गया। इससे पता चलता है कि वे भारत के मूल निवासी और आदिम पुरुष की संतान हैं। एक और कथा कहती है कि हमारे आदि जनक महर्षि कश्यप थे। कश्यप पर्वत ही उनका स्थान था। उनकी पत्नियों से विभिन्न जातियाँ उत्पन्न हुईं –  • दिति से दैत्य (राक्षस),  • अदिति से देवता,  • कद्रू से नाग,  • विनता से गरुड़ और गारुड़ जाति। इससे यह प्रमाणित होता है कि सब एक ही पिता की संतान...

रामजी गोंड : आदिलाबाद का वीर, 1857 के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम का सेनानी

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  रामजी गोंड : आदिलाबाद का वीर, 1857 के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम का सेनानी नाम: रामजी गोंड जन्म: वर्तमान आसिफाबाद जिला, तेलंगाना (पूर्व में हैदराबाद रियासत) शहीद: 9 अप्रैल 1860 रामजी गोंड तेलंगाना के निरमल, आदिलाबाद और आसिफाबाद क्षेत्रों के महान आदिवासी नायक थे। वे उन प्रमुख योद्धाओं में शामिल थे जिन्होंने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान हैदराबाद रियासत में ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध संघर्ष छेड़ा। उनके शासन क्षेत्र में निरमल, उटनूर, चेनूर और आसिफाबाद शामिल थे — जहाँ वे गोंड समुदाय के प्रमुख नेतृत्वकर्ता के रूप में जाने जाते थे। 1857 का विद्रोह और रामजी गोंड की भूमिका 1857 में जब पूरे देश में ब्रिटिश शासन के खिलाफ विद्रोह की लहर उठी, तब नizam के राज्यों में भी जनता में असंतोष बढ़ रहा था। आदिलाबाद के गोंड आदिवासी किसान अत्याचारों, शोषण और ब्रिटिशों के प्रति रियासत की नीतियों से नाराज़ थे। इसी समय रामजी गोंड ने गोंडों को संगठित किया और उनके साथ रोहिल्ला नेता मियाँ साहेब खुर्द भी विद्रोह में शामिल हुए। दोनों ने मिलकर लगभग दो वर्षों तक दुश्मन के खिलाफ गुरिल्ला युद्ध जारी र...